| सूक्त 1 | १२ बुधगविष्ठिरावात्रेयौ। अग्निः। त्रिष्टुप्।अबो॑ध्य॒ग्निः स॒मिधा॒ जना॑नां॒ प्रति॑ धे॒नुमि॑वाय॒तीमु॒षास॑म् । य॒ह्वा इ॑व॒ प्र व॒यामु॒ज्जिहा॑ना॒: प्र भा॒नव॑: सिस्रते॒ नाक॒मच्छ॑ | 12 |
|---|
| सूक्त 2 | १२ कुमार आत्रेयः, वृशो वा जानः, उभौ वा, २, ९ वृशो जानः। अग्निः। त्रिष्टुप्, १२ शक्वरी। | 12 |
|---|
| सूक्त 3 | १२ वसुश्रुत आत्रेयः। अग्निः, ३ मरुद्रुद्रविष्णवः। त्रिष्टुप्, १ विराट्। | 12 |
|---|
| सूक्त 4 | ११ वसुश्रुत आत्रेयः। अग्निः। त्रिष्टुप्। | 11 |
|---|
| सूक्त 5 | ११ वसुश्रुत आत्रेयः। आप्रीसूक्तं- (१ इध्मः समिद्धोऽग्निर्वा, २ नराशंसः, ३ इळः, ४ बर्हिः, ५ देवीर्द्वारः, ६ उषासाक्ता, ७दैव्यो होतारौ प्रचेतसौ, ८ तिस्रो देव्यः सरस्वतीळाभारत्यः, ९त्वष्टा, १० वनस्पतिः, ११ स्वाहाकृतयः )।गायत्री। | 11 |
|---|
| सूक्त 6 | १० वसुश्रुत आत्रेयः। अग्निः। पंक्तिः। | 10 |
|---|
| सूक्त 7 | १० इष आत्रेयः। अग्निः। अनुष्टुप्, १० पंक्तिः। | 10 |
|---|
| सूक्त 8 | ७ इष आत्रेयः। अग्निः। जगती। | 7 |
|---|
| सूक्त 9 | ७ गय आत्रेयः। अग्निः। अनुष्टुप्, ५-७ पंक्तिः। | 7 |
|---|
| सूक्त 10 | ७ गय आत्रेयः। अग्निः। अनुष्टुप्, ४-७ पंक्तिः। | 7 |
|---|
| सूक्त 11 | ६ सुतंभर आत्रेयः। अग्निः । जगती। | 6 |
|---|
| सूक्त 12 | ६ सुतंभर आत्रेयः। अग्निः । त्रिष्टुप्। | 6 |
|---|
| सूक्त 13 | ६ सुतंभर आत्रेयः। अग्निः । गायत्री। | 6 |
|---|
| सूक्त 14 | ६ सुतंभर आत्रेयः। अग्निः । गायत्री। | 6 |
|---|
| सूक्त 15 | ५ धरुण अङ्गिरसः। अग्निः । त्रिष्टुप्। | 5 |
|---|
| सूक्त 16 | ५ पूरुरात्रेयः। अग्निः। अनुष्टुप्, ५ पंक्तिः। | 5 |
|---|
| सूक्त 17 | ५ पूरुरात्रेयः। अग्निः। अनुष्टुप्, ५ पंक्तिः। | 5 |
|---|
| सूक्त 18 | ५ द्वितो मृक्तवाहा आत्रेयः। अग्निः। अनुष्टुप्, ५ पंक्तिः। | 5 |
|---|
| सूक्त 19 | ५ वव्रिरात्रेयः। अग्निः। गायत्री, ३-४ अनुष्टुप्, ५ विराड् रूपा। | 5 |
|---|
| सूक्त 20 | ४ प्रयस्वन्त आत्रेयाः। अग्निः। अनुष्टुप्, ४ पंक्तिः। | 4 |
|---|
| सूक्त 21 | ४ सस आत्रेयः। अग्निः। अनुष्टुप्, ४ पंक्तिः। | 4 |
|---|
| सूक्त 22 | ४ विश्वसामा आत्रेयः। अग्निः। अनुष्टुप्, ४ पंक्तिः। | 4 |
|---|
| सूक्त 23 | ४ द्युम्नो विश्वचर्षणिरात्रेयः । अग्निः। अनुष्टुप्, ४ पंक्तिः। | 4 |
|---|
| सूक्त 24 | ४ गौपायना लौपायना वा बन्धुः सुबन्धुः श्रुतबन्धुर्विप्रबन्धुश्च। अग्निः । द्विपदा विराट्। | 4 |
|---|
| सूक्त 25 | ९ वसूयव आत्रेयाः। अग्निः । अनुष्टुप्। | 9 |
|---|
| सूक्त 26 | ९ वसूयव आत्रेयाः। अग्निः, ९विश्वे देवाः । गायत्री। | 9 |
|---|
| सूक्त 27 | ६ त्रैवृष्णस्त्र्यरुणः, पौरुकुत्सस्रसदस्युः भारतोऽश्वमेधश्च राजानः, (अत्रिर्भौम इति केचित्)। अग्निः ६ इन्द्राग्नी।त्रिष्टुप्, ४-६ अनुष्टुप्। | 6 |
|---|
| सूक्त 28 | ६ विश्ववारात्रेयी। अग्निः। १, ३ त्रिष्टुप्, २ जगती, ४ अनुष्टुप्, ५-६ गायत्री। | 6 |
|---|
| सूक्त 29 | १५ गौरिवीतिः शाक्त्यः। इन्द्रः, ९(प्रथमपादस्य) उशना वा। त्रिष्टुप्। | 15 |
|---|
| सूक्त 30 | १५ बभ्रुरात्रेयः। इन्द्रः, १२-१५ ऋणंचयेन्द्रौ। त्रिष्टुप्। | 15 |
|---|
| सूक्त 31 | १३ अवस्युरात्रेयः। इन्द्रः, ८ तृतीयपादस्य कुत्सो वा, चतुर्थपादस्य उशना वा, ९ इन्द्राकुत्सौ। त्रिष्टुप्। | 13 |
|---|
| सूक्त 32 | १२ गातुरात्रेयः। इन्द्रः। त्रिष्टुप्। | 12 |
|---|
| सूक्त 33 | १० प्राजापत्यः संवरणः। इन्द्रः। त्रिष्टुप्। | 10 |
|---|
| सूक्त 34 | ९ प्राजापत्यः संवरणः। इन्द्रः। जगती, ९ त्रिष्टुप्। | 9 |
|---|
| सूक्त 35 | ८ प्रभूवसुराङ्गिरसः। इन्द्रः । अनुष्टुप्, ८ पङ्क्तिः। | 8 |
|---|
| सूक्त 36 | ६ प्रभूवसुराङ्गिरसः। इन्द्रः । त्रिष्टुप्, ३जगती। | 6 |
|---|
| सूक्त 37 | ५ भौमोऽत्रिः। इन्द्रः। त्रिष्टुप्। | 4 |
|---|
| सूक्त 38 | ५ भौमोऽत्रिः। इन्द्रः। अनुष्टुप्। | 5 |
|---|
| सूक्त 39 | ५ भौमोऽत्रिः। इन्द्रः। अनुष्टुप्, ५पङ्क्तिः। | 5 |
|---|
| सूक्त 40 | ९ भौमोऽत्रिः। इन्द्रः, ५ सूर्यः, ६-९ अत्रिः। १-३ उष्णिक्, ५-९ अनुष्टुप्, ४, ६-८ त्रिष्टुप्। | 9 |
|---|
| सूक्त 41 | २० भौमोऽत्रिः। विश्वे देवाः । त्रिष्टुप्, १६-१७ अतिजगती, २० एकपदा विराट्। | 20 |
|---|
| सूक्त 42 | १८ भौमोऽत्रिः। विश्वे देवाः, ११ रुद्रः। त्रिष्टुप्, १७ एकपदा विराट्। | 18 |
|---|
| सूक्त 43 | १७ भौमोऽत्रिः। विश्वे देवाः । त्रिष्टुप्, १६ एकपदा विराट् । | 17 |
|---|
| सूक्त 44 | १५ काश्यपोऽवत्सारः (१० क्षत्र-मनस-एवावद-यजत-सध्रि- अवत्साराः, ११ विश्ववार- यजत- मायी- अवत्साराः, १२ अवत्सरेण सह सदापृण- यजत- बाहुवृक्त- श्रुतवित्-तर्याः, १३ सुतंभरश्च)। विश्वे देवाः। जगती, १४-१५ त्रिष्टुप्। | 15 |
|---|
| सूक्त 45 | ११ सदापृणा आत्रेयः। विश्वे देवाः। त्रिष्टुप् ९ पुरस्ताज्ज्योतिः। | 11 |
|---|
| सूक्त 46 | ८ प्रतिक्षत्र आत्रेयः। विश्वे देवाः, ७-८ देवपत्न्यः। जगती, २, ८ त्रिष्टुप्। | 8 |
|---|
| सूक्त 47 | ७ प्रतिरथ आत्रेयः। विश्वे देवाः। त्रिष्टुप्। | 7 |
|---|
| सूक्त 48 | ५ प्रतिभानुरात्रेयः। विश्वे देवाः। जगती। | 5 |
|---|
| सूक्त 49 | ५ प्रतिप्रभ आत्रेयः, (५ तृणपाणिः)। विश्वे देवाः। त्रिष्टुप्। | 5 |
|---|
| सूक्त 50 | ५ स्वस्त्यात्रेयः। विश्वे देवाः। अनुष्टुप्, ५ पङ्क्तिः। | 5 |
|---|
| सूक्त 51 | १५ स्वस्त्यात्रेयः। विश्वे देवाः, ४, ६-७ इन्द्रवायू, ५ वायुः।१-४ गायत्री, ५-१० उष्णिक्, ११-१३ जगती त्रिष्टुब्वा, १४-१५ अनुष्टुप्। | 15 |
|---|
| सूक्त 52 | १७ श्यावाश्व आत्रेयः। मरुतः। अनुष्टुप्, ६, १६-१७ पङ्क्तिः। | 17 |
|---|
| सूक्त 53 | १६ श्यावाश्व आत्रेयः। मरुतः। १, ५, १०-११, १५ ककुप्, २ बृहती, ३ अनुष्टुप्, ४ पुर उष्णिक्, ६-७, ९, १३-१४, १६ सतोबृहती, ८, १२ गायत्री। | 16 |
|---|
| सूक्त 54 | १५ श्यावाश्व आत्रेयः। मरुतः। जगती, १४ त्रिष्टुप् । | 15 |
|---|
| सूक्त 55 | १० श्यावाश्व आत्रेयः। मरुतः। जगती, १० त्रिष्टुप् । | 10 |
|---|
| सूक्त 56 | ९ श्यावाश्व आत्रेयः। मरुतः। बृहती, ३, ७ सतोबृहती । | 9 |
|---|
| सूक्त 57 | ८ श्यावाश्व आत्रेयः। मरुतः। जगती, ७-८ त्रिष्टुप्। | 8 |
|---|
| सूक्त 58 | ८ श्यावाश्व आत्रेयः। मरुतः। त्रिष्टुप् । | 8 |
|---|
| सूक्त 59 | ८ श्यावाश्व आत्रेयः। मरुतः। जगती, ८ त्रिष्टुप् । | 8 |
|---|
| सूक्त 60 | ८ श्यावाश्व आत्रेयः। मरुतोऽग्नामरुतौ वा। त्रिष्टुप्, ७- ८ जगती । | 8 |
|---|
| सूक्त 61 | १९ श्यावाश्व आत्रेयः। १-४, ११-१६ मरुतः, ५-८ तरन्तमहिषी शशीयसी, ९ वैददश्विः पुरुमीळहः, १० वैददश्विस्तरन्तः, १७-१९ दार्भ्यो रथवीतिः। गायत्री, ३ निचृत्, ५ अनुष्टुप्, ९ सतोबृहती । | 19 |
|---|
| सूक्त 62 | ९ श्रुतविदात्रेयः। मित्रावरुणौ। त्रिष्टुप्। | 9 |
|---|
| सूक्त 63 | ७ अर्चनाना आत्रेयः। मित्रावरुणौ। जगती। | 7 |
|---|
| सूक्त 64 | ७ अर्चनाना आत्रेयः। मित्रावरुणौ। अनुष्टुप्, ७ पङ्क्तिः। | 7 |
|---|
| सूक्त 65 | ६ रातहव्य आत्रेयः। मित्रावरुणौ। अनुष्टुप्, ६ पङ्क्तिः। | 6 |
|---|
| सूक्त 66 | ६ रातहव्य आत्रेयः। मित्रावरुणौ। अनुष्टुप्। | 6 |
|---|
| सूक्त 67 | ५ यजत आत्रेयः। मित्रावरुणौ। अनुष्टुप्। | 5 |
|---|
| सूक्त 68 | ५ यजत आत्रेयः। मित्रावरुणौ। गायत्री। | 5 |
|---|
| सूक्त 69 | ४ उरुचक्रिरात्रेयः। मित्रावरुणौ। त्रिष्टुप्। | 4 |
|---|
| सूक्त 70 | ४ उरुचक्रिरात्रेयः। मित्रावरुणौ। गायत्री। | 4 |
|---|
| सूक्त 71 | ३ बाहुवृक्त आत्रेयः। मित्रावरुणौ। गायत्री। | 3 |
|---|
| सूक्त 72 | ३ बाहुवृक्त आत्रेयः। मित्रावरुणौ। उष्णिक्। | 3 |
|---|
| सूक्त 73 | १० पौर आत्रेयः। अश्विनौ। अनुष्टुप्। | 10 |
|---|
| सूक्त 74 | १० पौर आत्रेयः। अश्विनौ। अनुष्टुप्, ८ निचृत्। | 10 |
|---|
| सूक्त 75 | ९ अवस्युरात्रेयः। अश्विनौ। पङ्क्तिः। | 9 |
|---|
| सूक्त 76 | ५ भौमोऽत्रिः। अश्विनौ। त्रिष्टुप्। | 5 |
|---|
| सूक्त 77 | ५ भौमोऽत्रिः। अश्विनौ। त्रिष्टुप्। | 5 |
|---|
| सूक्त 78 | ९ सप्तवध्रिरात्रेयः। अश्विनौ(५-९ गर्भस्राविण्युपनिषद्)। अनुष्टुप्, १-३ उष्णिक्, ४ त्रिष्टुप्। | 9 |
|---|
| सूक्त 79 | १० सत्यश्रवा आत्रेयः। उषा। पङ्क्तिः। | 10 |
|---|
| सूक्त 80 | ६ सत्यश्रवा आत्रेयः। उषा। त्रिष्टुप्। | 6 |
|---|
| सूक्त 81 | ५ श्यावाश्व आत्रेयः। सविता। जगती। | 5 |
|---|
| सूक्त 82 | ९ श्यावाश्व आत्रेयः। सविता। गायत्री, १ अनुष्टुप्। | 9 |
|---|
| सूक्त 83 | १० भौमोऽत्रिः। पर्जन्यः। त्रिष्टुप्, २-४ जगती, ९ अनुष्टुप्। | 10 |
|---|
| सूक्त 84 | ३ भौमोऽत्रिः। पृथिवी। अनुष्टुप्। | 3 |
|---|
| सूक्त 85 | ८ भौमोऽत्रिः। वरुण। त्रिष्टुप्। | 8 |
|---|
| सूक्त 86 | भौमोऽत्रिः।इन्द्राग्नी। अनुष्टुप्, ६ विराट् पूर्वा। | 6 |
|---|
| सूक्त 87 | ९ एवयामरुदात्रेयः। मरुतः। अतिजगती। | 9 |
|---|