| सूक्त 1 | १० मधुच्छन्दा वैश्वामित्र:। पवमान: सोम: । गायत्री । | 10 |
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| सूक्त 2 | १० मेधातिथि: काण्व: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 10 |
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| सूक्त 3 | १० आजीगर्ति: शुन: शेप :, कृत्रिमो वैश्वामित्रो देवरात: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 10 |
|---|
| सूक्त 4 | १० हिरण्यस्तूप आङ्गिरस: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 10 |
|---|
| सूक्त 5 | ११ काश्यपोऽसितो देवलो वा । पवमान: सोम: । गायत्री । | 11 |
|---|
| सूक्त 6 | ९ काश्यपोऽसितो देवलो वा । पवमान: सोम: । गायत्री । | 9 |
|---|
| सूक्त 7 | ९ काश्यपोऽसितो देवलो वा । पवमान: सोम: । गायत्री । | 9 |
|---|
| सूक्त 8 | ९ काश्यपोऽसितो देवलो वा । पवमान: सोम: । गायत्री । | 9 |
|---|
| सूक्त 9 | ९ काश्यपोऽसितो देवलो वा । पवमान: सोम: । गायत्री । | 9 |
|---|
| सूक्त 10 | ९ काश्यपोऽसितो देवलो वा । पवमान: सोम: । गायत्री । | 9 |
|---|
| सूक्त 11 | ९ काश्यपोऽसितो देवलो वा । पवमान: सोम: । गायत्री । | 9 |
|---|
| सूक्त 12 | ९ काश्यपोऽसितो देवलो वा । पवमान: सोम: । गायत्री । | 9 |
|---|
| सूक्त 13 | ९ काश्यपोऽसितो देवलो वा । पवमान: सोम: । गायत्री । | 9 |
|---|
| सूक्त 14 | ८ काश्यपोऽसितो देवलो वा । पवमान: सोम: । गायत्री । | 8 |
|---|
| सूक्त 15 | ८ काश्यपोऽसितो देवलो वा । पवमान: सोम: । गायत्री । | 8 |
|---|
| सूक्त 16 | ८ काश्यपोऽसितो देवलो वा । पवमान: सोम: । गायत्री । | 8 |
|---|
| सूक्त 17 | ८ काश्यपोऽसितो देवलो वा । पवमान: सोम: । गायत्री । | 8 |
|---|
| सूक्त 18 | ७ काश्यपोऽसितो देवलो वा । पवमान: सोम: । गायत्री । | 7 |
|---|
| सूक्त 19 | ७ काश्यपोऽसितो देवलो वा । पवमान: सोम: । गायत्री । | 7 |
|---|
| सूक्त 20 | ७ काश्यपोऽसितो देवलो वा । पवमान: सोम: । गायत्री । | 7 |
|---|
| सूक्त 21 | ७ काश्यपोऽसितो देवलो वा । पवमान: सोम: । गायत्री । | 7 |
|---|
| सूक्त 22 | ७ काश्यपोऽसितो देवलो वा । पवमान: सोम: । गायत्री । | 7 |
|---|
| सूक्त 23 | ७ काश्यपोऽसितो देवलो वा । पवमान: सोम: । गायत्री । | 7 |
|---|
| सूक्त 24 | ७ काश्यपोऽसितो देवलो वा । पवमान: सोम: । गायत्री । | 7 |
|---|
| सूक्त 25 | ६ दृळहच्युत आगस्त्य: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 6 |
|---|
| सूक्त 26 | ६ इध्मवाहो दार्ढच्युत: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 6 |
|---|
| सूक्त 27 | ६ नृमेध आङ्गिरस: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 6 |
|---|
| सूक्त 28 | ६ प्रियमेध आङ्गिरस: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 6 |
|---|
| सूक्त 29 | ६ नृमेध आङ्गिरस: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 6 |
|---|
| सूक्त 30 | ६ बिन्दुराङ्गिरस: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 6 |
|---|
| सूक्त 31 | ६ गोतमो राहूगण:। पवमान: सोम: । गायत्री । | 6 |
|---|
| सूक्त 32 | ६ श्यावाश्व आत्रेय: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 6 |
|---|
| सूक्त 33 | ६ त्रित आप्त्य: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 6 |
|---|
| सूक्त 34 | ६ त्रित आप्त्य: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 6 |
|---|
| सूक्त 35 | ६ प्रभूवसुराङ्गिरस: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 6 |
|---|
| सूक्त 36 | ६ प्रभूवसुराङ्गिरस: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 6 |
|---|
| सूक्त 37 | ६ रहूगण आङ्गिरस: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 6 |
|---|
| सूक्त 38 | ६ रहूगण आङ्गिरस: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 6 |
|---|
| सूक्त 39 | ६ बृहन्मतिराङ्गिरस: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 6 |
|---|
| सूक्त 40 | ६ बृहन्मतिराङ्गिरस: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 6 |
|---|
| सूक्त 41 | ६ मेध्यातिथि: काण्व: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 6 |
|---|
| सूक्त 42 | ६ मेध्यातिथि: काण्व: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 6 |
|---|
| सूक्त 43 | ६ मेध्यातिथि: काण्व: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 6 |
|---|
| सूक्त 44 | ६ अयास्य आङ्गिरस: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 6 |
|---|
| सूक्त 45 | ६ अयास्य आङ्गिरस: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 6 |
|---|
| सूक्त 46 | ६ अयास्य आङ्गिरस: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 6 |
|---|
| सूक्त 47 | ५ कविर्भार्गव: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 5 |
|---|
| सूक्त 48 | ५ कविर्भार्गव: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 5 |
|---|
| सूक्त 49 | ५ कविर्भार्गव: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 5 |
|---|
| सूक्त 50 | ५ उचथ्य आङ्गिरस: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 5 |
|---|
| सूक्त 51 | ५ उचथ्य आङ्गिरस: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 5 |
|---|
| सूक्त 52 | ५ उचथ्य आङ्गिरस: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 5 |
|---|
| सूक्त 53 | ४ अवत्सार: काश्यपः । पवमान: सोम: । गायत्री । | 4 |
|---|
| सूक्त 54 | ४ अवत्सार: काश्यपः । पवमान: सोम: । गायत्री । | 4 |
|---|
| सूक्त 55 | ४ अवत्सार: काश्यपः । पवमान: सोम: । गायत्री । | 4 |
|---|
| सूक्त 56 | ४ अवत्सार: काश्यपः । पवमान: सोम: । गायत्री । | 4 |
|---|
| सूक्त 57 | ४ अवत्सार: काश्यपः । पवमान: सोम: । गायत्री । | 4 |
|---|
| सूक्त 58 | ४ अवत्सार: काश्यपः । पवमान: सोम: । गायत्री । | 4 |
|---|
| सूक्त 59 | ४ अवत्सार: काश्यपः । पवमान: सोम: । गायत्री । | 4 |
|---|
| सूक्त 60 | ४ अवत्सार: काश्यपः । पवमान: सोम: । गायत्री ।३ पुरउष्णिक । | 4 |
|---|
| सूक्त 61 | ३० अमहीयुराङ्गिरस: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 30 |
|---|
| सूक्त 62 | ३० जमदग्निर्भार्गव: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 30 |
|---|
| सूक्त 63 | ३०निध्रुवि: काश्यपः । पवमान: सोम: । गायत्री । | 30 |
|---|
| सूक्त 64 | ३० कश्यपो मारीच: । पवमान: सोम: । गायत्री । | 30 |
|---|
| सूक्त 65 | ३० भृगुर्वारुणिजमदग्निर्भार्गवो वा । पवमान: सोम: । गायत्री । | 30 |
|---|
| सूक्त 66 | ३० शतं वैखानसा: । पवमान: सोम:, १९-२१ अग्नि: पवमान: । गायत्री,१८ अनुष्टुप् । | 30 |
|---|
| सूक्त 67 | (१-३२) १-३ भरद्वाजो बार्हस्पत्य:, ४-६ कश्यपो मारीच:, ७-९ गोतमो राहूगण:, १०-१२ अत्रिर्भौम:, १३-१५ विश्वामित्रो गाथिन:, १६-१८ जमदग्निर्भार्गव:, १९-२१ वसिष्ठो मैत्रावरुणि:,२२-३२ पवित्र आङ्गिरसो वा वसिष्ठो वा उभौ वा । पवमानः सोम:, १०-१२ पवमानः पूषा वा, २३-२७ पवमानोऽग्नि:, २५ पवमानः सविता वा, २६ पवमानाग्निसवितार:, २७ विश्वे देवा वा , ३१-३२ पवमान्यध्येता ।गायत्री, १६ -१८ नित्यद्विपदा गायत्री , ३० पुरउष्णिक्; २७ ,३१ ,३२, अनुष्टुप् । | 32 |
|---|
| सूक्त 68 | १०वत्सप्रिर्भालन्दन: । पवमान: सोम: ।जगती ,१० त्रिष्टुप् । | 10 |
|---|
| सूक्त 69 | १० हिरण्यस्तूप आङ्गिरस: । पवमान: सोम: ।जगती ,९-१० त्रिष्टुप् । | 10 |
|---|
| सूक्त 70 | रेणुर्वैश्वामित्र: । पवमान: सोम: ।जगती ,१० त्रिष्टुप् । | 10 |
|---|
| सूक्त 71 | ९ ऋषभो वैश्वामित्र: । पवमान: सोम: ।जगती ,९ त्रिष्टुप् । | 9 |
|---|
| सूक्त 72 | ९ हरिमन्त आङ्गिरस: । पवमान: सोम: ।जगती । | 9 |
|---|
| सूक्त 73 | ९ पवित्र आङ्गिरस: । पवमान: सोम: ।जगती । | 9 |
|---|
| सूक्त 74 | ९ कक्षीवान् दैर्घतमस: । पवमान: सोम: ।जगती , ८ त्रिष्टुप् । | 9 |
|---|
| सूक्त 75 | ५ कविर्भार्गव: । पवमान: सोम: ।जगती । | 5 |
|---|
| सूक्त 76 | ५ कविर्भार्गव: । पवमान: सोम: ।जगती । | 5 |
|---|
| सूक्त 77 | ५ कविर्भार्गव: । पवमान: सोम: ।जगती । | 5 |
|---|
| सूक्त 78 | ५ कविर्भार्गव: । पवमान: सोम: ।जगती । | 5 |
|---|
| सूक्त 79 | ५ कविर्भार्गव: । पवमान: सोम: ।जगती । | 5 |
|---|
| सूक्त 80 | ५ वसुर्भारद्वाज: । पवमान: सोम: ।जगती । | 5 |
|---|
| सूक्त 81 | ५ वसुर्भारद्वाज: । पवमान: सोम: ।जगती, ५ त्रिष्टुप् । | 5 |
|---|
| सूक्त 82 | ५ वसुर्भारद्वाज: । पवमान: सोम: ।जगती , ५ त्रिष्टुप् । | 5 |
|---|
| सूक्त 83 | ५ पवित्र आङ्गिरस: । पवमान: सोम: ।जगती । | 5 |
|---|
| सूक्त 84 | ५ वाच्य: प्रजापति: । पवमान: सोम: ।जगती । | 5 |
|---|
| सूक्त 85 | १२ वेनो भार्गव: । पवमान: सोम: ।जगती , ११-१२ त्रिष्टुप् । | 12 |
|---|
| सूक्त 86 | (१-४८ ) १-१० अकृष्टा माषा:, ११-२० सिकता निवावरी, २१-३० पृश्नियोऽजा:, ३१-४० अकृष्टमाषादयस्त्रय:,४१-४५ भौमोऽत्रि:, ४६-४८ गृत्समद: शौनक: । पवमान: सोम: ।जगती । | 48 |
|---|
| सूक्त 87 | ९ उशना काव्य: । पवमान: सोम: । त्रिष्टुप् । | 9 |
|---|
| सूक्त 88 | ८ उशना काव्य: । पवमान: सोम: । त्रिष्टुप् । | 8 |
|---|
| सूक्त 89 | ७ उशना काव्य: । पवमान: सोम: । त्रिष्टुप् । | 7 |
|---|
| सूक्त 90 | ६ वसिष्ठो मैत्रावरुणि: । पवमान: सोम: । त्रिष्टुप् । | 6 |
|---|
| सूक्त 91 | ६ कश्यपो मारीच: । पवमान: सोम: । त्रिष्टुप् । | 6 |
|---|
| सूक्त 92 | ६ कश्यपो मारीच: । पवमान: सोम: । त्रिष्टुप् । | 6 |
|---|
| सूक्त 93 | ५ नोधा गौतम: । पवमान: सोम: । त्रिष्टुप् । | 5 |
|---|
| सूक्त 94 | ५ कण्वो घौर: । पवमान: सोम: । त्रिष्टुप् । | 5 |
|---|
| सूक्त 95 | ५ प्रस्कण्व: काण्व: । पवमान: सोम: । त्रिष्टुप् । | 5 |
|---|
| सूक्त 96 | २४ दैवोदासि: प्रतर्दन: । पवमान: सोम: । त्रिष्टुप् । | 24 |
|---|
| सूक्त 97 | (५८) १-३ मैत्रावरुणिर्वसिष्ठ:, ४-६ वासिष्ठ इन्द्रप्रमति:,७-९ वासिष्ठो वृषगण:,१० -१२ वासिष्ठो मन्यु :, १३-१५ वासिष्ठ उपमन्यु:, १६-१८ वासिष्ठो व्याघ्रपाद् , १९ -२१ वासिष्ठः शक्ति:, २२-२४ वासिष्ठः कर्णश्रुद् ,२५ -२७ वासिष्ठो मृळीक:, २८-३० वासिष्ठो वसुक्र:, ३१-४४ पराशर: शाक्त्य:, ४५-५८ कुत्स आङ्गिरस: । पवमान: सोम: ।त्रिष्टुप् । | 58 |
|---|
| सूक्त 98 | १२ अम्बरीषो वार्षागिर:, ऋजिश्वा भारद्वाजश्च । पवमान: सोम: ।अनुष्टुप् , ११ बृहती । | 12 |
|---|
| सूक्त 99 | ८ रेभसूनू काश्यपौ । पवमान: सोम: ।अनुष्टुप् ,१ बृहती। | 8 |
|---|
| सूक्त 100 | ९ रेभसूनू काश्यपौ । पवमान: सोम: । अनुष्टुप् । | 9 |
|---|
| सूक्त 101 | (१६) १-३अन्धीगु: श्यावाश्वि:,४-६ यायातिर्नाहुष:,७-९ नहुषो मानव:,१०-१२ मनु: सांवरण:, १३-१६ वैश्वामित्रो वाच्यो वा प्रजापति: । पवमान: सोम: । अनुष्टुप् , २-३ गायत्री । | 16 |
|---|
| सूक्त 102 | ८ त्रित आप्त्य: । पवमान: सोम: । उष्णिक् । | 8 |
|---|
| सूक्त 103 | ६ द्वित आप्त्य: । पवमान: सोम: । उष्णिक् । | 6 |
|---|
| सूक्त 104 | ६ पर्वतनारदौ काण्वौ, काश्यप्यौ शिखण्डिन्यावप्सरसौ वा । पवमान: सोम: । उष्णिक् । | 6 |
|---|
| सूक्त 105 | ६ पर्वतनारदौ काण्वौ । पवमान: सोम: । उष्णिक् । | 6 |
|---|
| सूक्त 106 | ((१४) १-३, १०-१४ अग्निश्चाक्षुष:, ४-६ चक्षुर्मानव:, ७-९ मनुराप्सव: । पवमान: सोम: । उष्णिक् । | 14 |
|---|
| सूक्त 107 | २६ सप्तर्षय: ( १ भरद्वाजो बार्हस्पत्य: , २ कश्यपो मारीच:, ३ गोतमो राहूगण:, ४ भौमोऽत्रि:, ५ विश्वामित्रो गाथिन:, ६ जमदग्निर्भार्गव:, ७ मैत्रावरुणिर्वसिष्ठ: ) ।पवमान: सोम: । प्रगाथ:= (१,४,६,८,९,१०,१२,१४,१७ बृहती; २,५,७,११,१३,१५,१८ सतोबृहती, ) ३,१६ द्विपदा विराट् ; १९-२६ प्रगाथ:= ( विषमा बृहती, समा सतोबृहती ) । | 26 |
|---|
| सूक्त 108 | (१-१६ ) १-२ गौरिवीति: शाक्त्य:; ३,१४-१६ शक्तिर्वासिष्ठ:,४-५ ऊरूराङ्गिरस:,६-७ ऋजिश्वा भारद्वाज:, ८-९ ऊर्ध्वसद्मा आङ्गिरस:, १०-११ कृतयशा आङ्गिरस:,१२-१३ ऋणचयो राजर्षि: । पवमान: सोम: । काकुभ: प्रगाथ:=( विषमा ककुप् , समा सतोबृहती ) , १३ यवमध्या गायत्री । | 16 |
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| सूक्त 109 | २२ अग्नयो धिष्ण्या ऐश्वरय: । पवमान: सोम: ।द्विपदा विराट् । | 11 |
|---|
| सूक्त 110 | १२ त्र्यरुणस्त्रैवृष्ण:,त्रसदस्यु: पौरुकुत्स्य: । पवमान: सोम: ।१-३ पिपीलिकमध्या अनुष्टुप् , ४-९ ऊर्ध्वबृहती,१०-१२ विराट् । | 12 |
|---|
| सूक्त 111 | ३ अनानत: पारुच्छेपि: । पवमान: सोम: ।अत्यष्टि: । | 3 |
|---|
| सूक्त 112 | ४ शिशुराङ्गिरस: । पवमान: सोम: ।पङ्क्ति: । | 4 |
|---|
| सूक्त 113 | ११ कश्यपो मारीच: । पवमान: सोम: । पङ्क्ति: । | 11 |
|---|
| सूक्त 114 | ४ कश्यपो मारीच: । पवमान: सोम: । पङ्क्ति: । | 4 |
|---|