skipLink.label

Try searching

Quick links

Crawlable search page

Adhyāya 34 — Mantra sūcī

VS (Mādhyandina) 34 — Mādhyandina Saṃhitā, adhyāya 34. Vedic svara-marked text. Devanagari

MD

Adhyāya 34 {#chapter-34}

heading.anchorLabel
Adhyāya Mantra First Words
34 1 दूरङ्गम ज्योतिषा
34 2 येन कर्माण्यपसो
34 3 यत्प्रज्ञानमुत चेतो
34 4 येनेद भूत
34 5 यस्मिन्नृच साम
34 6 सुषारथिरश्वानिव यन्मनुष्यान्नेनीयतेऽभीशुभिर्वाजिन
34 7 पितु नु
34 8 अन्विदनुमते त्व
34 9 अनु नोऽद्यानुमतिर्यज्ञ
34 10 सिनीवालि पृथुष्टुके
34 11 पञ्च नद्य
34 12 त्वमग्ने प्रथमो
34 13 त्व नो
34 14 उत्तानायामव भरा
34 15 इडायास्त्वा पदे
34 16 प्र मन्महे
34 17 प्र वो
34 18 इच्छन्ति त्वा
34 19 न ते
34 20 अषाढ युत्सु
34 21 सोमो धेनु
34 22 त्वमिमा ओषधी
34 23 देवेन नो
34 24 अष्टौ व्यख्यत्
34 25 हिरण्यपाणि सविता
34 26 हिरण्यहस्तो असुर
34 27 ये ते
34 28 उभा पिबतमश्विनोभा
34 29 अप्नस्वतीमश्विना वाचमस्मे
34 30 द्युभिरक्तुभि परि
34 31 आ कृष्णेन
34 32 आ रात्रि
34 33 उषस्तच्चित्रमा भरास्मभ्य
34 34 प्रातरग्नि प्रातरिन्द्र
34 35 प्रातर्जित भगमुग्र
34 36 भग प्रणेतर्भग
34 37 उतेदानी भगवन्त
34 38 भग एव
34 39 समध्वरायोषसो नमन्त
34 40 अश्वावतीर्गोमतीर्न उषासो
34 41 पूषन् तव
34 42 पथस्पथ परिपति
34 43 त्रीणि पदा
34 44 तद्विप्रासो विपन्यवो
34 45 घृतवती भुवनानामभिश्रियोर्वी
34 46 ये न
34 47 आ नासत्या
34 48 एष व
34 49 सहस्तोमा सहच्छन्दस
34 50 आयुष्य वर्चस्य
34 51 न तद्रक्षासि
34 52 यदाबध्नन् दाक्षायणा
34 53 उत नोऽहिर्बुध्न्य
34 54 इमा गिर
34 55 सप्त ऋषय
34 56 उत्तिष्ठ ब्रह्मणस्पते
34 57 प्र नून
34 58 ब्रह्मणस्पते त्वमस्य